Sunday, June 6, 2021

प्राक्रतिक संख्या के बारे में सब कुछ l All about natural number

प्राकृतिक संख्या या प्राकृत संख्या(Natural Number)

जिन संख्याओं से वस्तुओं की गणना की जा सकती है 

 उन्हें प्राकृतिक संख्या कहते है। 

ये संख्याएँ वस्तुओं को गिनने अथवा क्रम में रखने के 

लिए प्रयुक्त होती हैं

गणित में 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, …… ∞ 

(जिसका कोई अंत नही) तक की संख्या को प्राकृत संख्या कहते है. 

इसे अंग्रेजी के अक्षर N से प्रदर्शित करते हैं

प्राकृतिक संख्या धनात्मक होती है।

 प्राकृतिक संख्याओं में शून्य को शामिल नहीं किया गया है।

एक 1 सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या है।

सभी प्राकृत संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ भी हैं। लेकिन सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ नहीं हैं।

सम प्राकृत संख्या 2,4,6,8,10…………. अनंत

विषम प्राकृत संख्या 1,3,5,7,9,11……….. अनंत


प्राकृत संख्या सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य

प्राचीन इतिहास के आधार पर इसे हिंदी अरबी संख्या कहा जाता है.

प्राकृत संख्या संख्या पद्धति का एक भाग है.

समुच्चय में N0 = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, ……) द्वारा सूचित किया जाता है.

इस संख्या में 1 इकाई की लगातार बढ़त होती रहती है.

दो क्रमागत प्राकृत संख्याओं में एक का अंतर होता है



प्राकृतिक संख्याओं का फार्मूला 

प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का औसत = (n+1) /2

लगातार n तक विषम प्राकृतिक संख्या का योग = (n/2+1)

प्रथम n प्राकृतिक सम संख्याओं का औसत = n+1

प्रथम n प्राकृतिक विषम संख्याओं का औसत = n

लगातार n तक विषम प्राकृतिक संख्याओं का औसत = (n+1) /2


1 से 100 तक की प्राकृतिक संख्याओं का औसत?

हल –  संख्याओं का औसत = कुल संख्याओं का योग / कुल संख्याएं

संख्याओं का औसत = (1+100) /2 = 101/2 = 50.5

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